NEET Reform पर PM मोदी की नजर

Dheeraj Vishwakarma
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Paper Leak विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट ने भी मांगा जवाब

विशेष रिपोर्ट | नई दिल्ली

NEET-UG 2026 Paper Leak विवाद के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की प्रक्रिया तेज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi स्वयं NEET मामले की निगरानी कर रहे हैं और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए लगातार समीक्षा कर रहे हैं।

यह मामला देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि NEET भारत की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है।


क्या है पूरा मामला?

मई 2026 में आयोजित NEET-UG परीक्षा के बाद कई राज्यों में कथित पेपर लीक और “गैस पेपर” विवाद सामने आए। जांच एजेंसियों को ऐसी जानकारी मिली कि कुछ प्रश्न वास्तविक परीक्षा से काफी हद तक मेल खाते थे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।

इसके बाद:

  • जांच शुरू हुई
  • कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया
  • NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे
  • लाखों छात्रों ने निष्पक्ष परीक्षा की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

सुप्रीम Court ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और National Testing Agency (NTA) से कड़े सवाल पूछे।

अदालत ने कहा कि:

  • केवल अस्थायी समाधान पर्याप्त नहीं हैं
  • NTA में संस्थागत सुधार जरूरी हैं
  • जवाबदेही तय होनी चाहिए
  • भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बननी चाहिए।

कोर्ट ने केंद्र सरकार से NTA के पुनर्गठन और परीक्षा संचालन प्रणाली को मजबूत करने का विस्तृत रोडमैप मांगा है।


PM मोदी की सीधी निगरानी

सुनवाई के दौरान Solicitor General ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं। सरकार का कहना है कि परीक्षा की विश्वसनीयता बहाल करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सरकार के अनुसार:

  • सुधार प्रक्रिया की नियमित समीक्षा हो रही है
  • सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है
  • भविष्य की परीक्षाओं के लिए नई तकनीकों पर काम चल रहा है।

2027 से Computer-Based Test (CBT) की तैयारी

सबसे बड़े प्रस्तावित बदलावों में से एक है NEET परीक्षा को पूरी तरह Computer-Based Test (CBT) Mode में ले जाना।

NTA ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि:

  • 2027 से परीक्षा CBT Mode में कराई जा सकती है
  • इससे Paper Leak की संभावना कम होगी
  • परीक्षा संचालन अधिक सुरक्षित बनेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली से निगरानी और सुरक्षा दोनों मजबूत हो सकती हैं।


NTA ने बताए नए सुरक्षा उपाय

NTA ने अदालत को बताया कि परीक्षा सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे हैं:

✔️ प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली मजबूत की जाएगी
✔️ Digital Security बढ़ाई जाएगी
✔️ निगरानी तंत्र मजबूत होगा
✔️ अधिकारियों की Background Verification होगी
✔️ AI आधारित निगरानी तकनीक का उपयोग किया जाएगा
✔️ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय किया जाएगा।


छात्रों और अभिभावकों की चिंता

NEET केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट ने भी टिप्पणी की कि:

परीक्षा विवाद केवल छात्रों ही नहीं बल्कि उनके परिवारों के लिए भी भावनात्मक और मानसिक तनाव पैदा करते हैं।

कई छात्र संगठनों ने मांग की है कि:

  • परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी हो
  • दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो
  • छात्रों का भरोसा बहाल किया जाए।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

शिक्षाविदों का मानना है कि केवल पेपर लीक रोकना ही पर्याप्त नहीं है।

उनके अनुसार:

  • NTA की संरचना मजबूत करनी होगी
  • तकनीकी सुरक्षा बढ़ानी होगी
  • जवाबदेही तय करनी होगी
  • परीक्षा प्रक्रिया को आधुनिक बनाना होगा।

कुछ विशेषज्ञों ने Multiple Exam Attempts और अधिक Digital Assessment Systems की भी सिफारिश की है।


निष्कर्ष

NEET-UG 2026 Paper Leak विवाद ने भारत की परीक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्र सरकार, सुप्रीम कोर्ट और NTA अब व्यापक सुधारों की दिशा में काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सीधे निगरानी किए जाने की जानकारी से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार इस मुद्दे को अत्यंत गंभीरता से ले रही है।

आने वाले महीनों में NTA के पुनर्गठन, नई सुरक्षा तकनीकों और CBT आधारित परीक्षा प्रणाली जैसे कदम भारत की मेडिकल प्रवेश परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव ला सकते हैं।

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