भारत में बाढ़ की स्थिति 2025: कहाँ नियंत्रण में, कहाँ अभी भी चिंताजनक?
15 सितंबर 2025, नई दिल्ली: भारत में बाढ़ की स्थिति इस वर्ष 2025 के मानसून के कारण कई राज्यों में गंभीर रही है। भारी बारिश, नदियों के उफान और जलभराव ने लाखों लोगों का जीवन प्रभावित किया। हालांकि, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से कुछ क्षेत्रों में भारत में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में आ रही है, जबकि कुछ जगहों पर अभी भी सतर्कता की आवश्यकता है। इस लेख में हम भारत में बाढ़ की स्थिति, सुधार वाले क्षेत्रों, चिंताजनक क्षेत्रों और अपने शहर की स्थिति जानने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
सामग्री तालिका
- भारत में बाढ़ की स्थिति का अवलोकन
- बाढ़ की स्थिति में सुधार वाले क्षेत्र
- अभी भी चिंताजनक बाढ़ की स्थिति वाले क्षेत्र
- अपने शहर की बाढ़ की स्थिति कैसे जानें?
- भारत में बाढ़ प्रबंधन और भविष्य की रणनीतियाँ
- निष्कर्ष
भारत में बाढ़ की स्थिति का अवलोकन:-

भारत में बाढ़ की स्थिति 2025 के मानसून के दौरान एक बड़ी चुनौती रही है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश की 21 नदियों में गंभीर बाढ़ की स्थिति थी, जबकि 33 अन्य नदियाँ सामान्य से ऊपर बह रही थीं। बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य सबसे अधिक प्रभावित रहे। पंजाब में सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान ने 1988 के बाद सबसे भयावह बाढ़ की स्थिति पैदा की, जिसमें 3.55 लाख लोग प्रभावित हुए और 1.5 लाख हेक्टेयर फसल नष्ट हो गई।
राहत कार्यों के कारण कई क्षेत्रों में भारत में बाढ़ की स्थिति अब नियंत्रण में आ रही है। यह लेख उन क्षेत्रों की जानकारी देता है जहाँ हालात सामान्य हो रहे हैं और जहाँ अभी भी सतर्कता की आवश्यकता है।
बाढ़ की स्थिति में सुधार वाले क्षेत्र
असम में बाढ़ की स्थिति
- ब्रह्मपुत्र नदी का जल स्तर: असम में भारत में बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है, क्योंकि ब्रह्मपुत्र नदी का जल स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। गुवाहाटी, बारपेटा और नलबाड़ी जैसे शहरों में राहत मिल रही है।
- राहत कार्य: NDRF और स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित किए हैं। खाद्य सामग्री, स्वच्छ पानी और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- वर्तमान स्थिति: सड़कों और रेलवे लाइनों की सफाई शुरू हो गई है, जिससे यातायात और सामान्य जीवन धीरे-धीरे बहाल हो रहा है।
बिहार में बाढ़ की स्थिति
- उत्तरी बिहार में सुधार: बिहार में भारत में बाढ़ की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सीतामढ़ी, मुज़फ़्फ़रपुर और दरभंगा जैसे जिलों में बाढ़ का पानी उतर रहा है। गंगा और कोसी नदियों का जल स्तर भी सामान्य हो रहा है।
- प्रशासनिक प्रयास: बिहार सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय और पुनर्वास योजनाएँ शुरू की हैं।
- कृषि और आजीविका: खेतों में पानी कम होने से किसानों को नुकसान का आकलन करने का मौका मिल रहा है। सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है।
महाराष्ट्र में बाढ़ की स्थिति
- मुंबई और आसपास के क्षेत्र: महाराष्ट्र में भारत में बाढ़ की स्थिति अब नियंत्रण में है। मुंबई, पुणे और नासिक में भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या कम हो गई है।
- स्थानीय प्रशासन की भूमिका: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने जल निकासी प्रणालियों की सफाई और मरम्मत का काम तेज कर दिया है।
- आजीविका पर प्रभाव: व्यापार और दैनिक गतिविधियाँ धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं।
केरल में बाढ़ की स्थिति
- पुनर्वास और सुधार: केरल में भारत में बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है। जल स्तर कम होने से कोच्चि और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में लोग अपने घरों को लौट रहे हैं।
- राहत कार्य: केरल सरकार ने राहत शिविरों में भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता प्रदान की है।
- चेतावनी: हालांकि स्थिति बेहतर है, लेकिन मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की चेतावनी दी है।
अभी भी चिंताजनक बाढ़ की स्थिति वाले क्षेत्र
उत्तराखंड में बाढ़ की स्थिति
- नदियों का उफान: उत्तराखंड में भारत में बाढ़ की स्थिति अभी भी चिंताजनक है। देहरादून और हरिद्वार में अलकनंदा और भागीरथी नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भूस्खलन की घटनाएँ भी चिंता का विषय हैं।
- प्रशासनिक चेतावनी: उत्तराखंड सरकार ने नदी किनारे बसे लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
- यात्रा प्रभावित: वैष्णो देवी यात्रा सहित कई धार्मिक यात्राएँ भूस्खलन और बाढ़ के कारण रुकी हुई हैं।
पश्चिम बंगाल में बाढ़ की स्थिति
- कोलकाता और हावड़ा में जलभराव: पश्चिम बंगाल में भारत में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कोलकाता और हावड़ा में भारी बारिश के कारण सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है।
- प्रशासनिक उपाय: पश्चिम बंगाल सरकार ने जल निकासी के लिए पंपों का उपयोग शुरू किया है, लेकिन पूर्ण राहत में समय लगेगा।
- नागरिकों के लिए सलाह: स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।
तमिलनाडु में बाढ़ की स्थिति
- चेन्नई में बारिश का कहर: तमिलनाडु में भारत में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक है। चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
- प्रशासन की तैयारी: तमिलनाडु सरकार ने राहत शिविर स्थापित किए हैं, लेकिन जल निकासी प्रणाली की कमी के कारण स्थिति जटिल है।
- आर्थिक प्रभाव: जलभराव से व्यापार और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
पंजाब में बाढ़ की स्थिति
- सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र: पंजाब में भारत में बाढ़ की स्थिति सबसे गंभीर है। 23 जिलों में बाढ़ ने तबाही मचाई है, जिसमें गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का और अमृतसर सबसे अधिक प्रभावित हैं। सतलुज, ब्यास और रावी नदियाँ उफान पर हैं।
- नुकसान का आकलन: 1,655 गाँवों में 3.55 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, और 1.5 लाख हेक्टेयर फसल नष्ट हो गई है।
- राहत प्रयास: सेना और NDRF ने युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू किए हैं, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर है।
अपने शहर की बाढ़ की स्थिति कैसे जानें?
अपने शहर में भारत में बाढ़ की स्थिति की ताज़ा जानकारी प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित संसाधनों का उपयोग करें:
- आधिकारिक वेबसाइटें:
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD): मौसम और बाढ़ की चेतावनियों के लिए mausam.imd.gov.in पर जाएँ।
- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA): आपदा से संबंधित जानकारी के लिए ndma.gov.in पर नज़र रखें।
- मोबाइल ऐप्स:
- IMD Weather: भारत में बाढ़ की स्थिति और मौसम अपडेट्स के लिए इस ऐप को डाउनलोड करें।
- NDMA India: आपदा प्रबंधन से संबंधित रियल-टाइम अपडेट प्राप्त करें।
- स्थानीय प्रशासन:
- अपने शहर के नगर निगम या डिसास्टर मैनेजमेंट सेल से संपर्क करें। स्थानीय हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें।
- सोशल मीडिया:
- स्थानीय प्रशासन और समाचार चैनलों के आधिकारिक X हैंडल्स पर भारत में बाढ़ की स्थिति के अपडेट्स देखें। उदाहरण के लिए, दिल्ली की स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में X पर अपडेट साझा किया था।
भारत में बाढ़ प्रबंधन और भविष्य की रणनीतियाँ
भारत में बाढ़ की स्थिति एक बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदा है, जिसके लिए दीर्घकालिक उपायों की आवश्यकता है। कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं:
- बेहतर जल निकासी प्रणाली: शहरी क्षेत्रों में जल निकासी प्रणालियों को मजबूत करना और नियमित सफाई सुनिश्चित करना।
- प्राकृतिक जल निकायों का संरक्षण: झीलों, तालाबों और आर्द्रभूमियों पर अतिक्रमण रोकना।
- जलवायु परिवर्तन पर ध्यान: जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती बारिश की तीव्रता को देखते हुए, मौसम पूर्वानुमान प्रणालियों को और सटीक करना।
- सामुदायिक जागरूकता: भारत में बाढ़ की स्थिति के जोखिम वाले क्षेत्रों में लोगों को शिक्षित करना और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण देना।
निष्कर्ष
2025 में भारत में बाढ़ की स्थिति ने कई राज्यों में तबाही मचाई, लेकिन असम, बिहार, महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्यों में राहत कार्यों ने हालात को सामान्य करने में मदद की है। उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पंजाब में अभी भी सतर्कता की आवश्यकता है। अपने शहर की बाढ़ की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक संसाधनों और स्थानीय प्रशासन से संपर्क बनाए रखें। दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन रणनीतियों को अपनाकर भारत इस प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को कम कर सकता है।


